मिर्ज़ा असद-उल्लाह बेग ख़ां उर्फ “ग़ालिब” की कुछ जीवंत रचनाएँ

उर्दू के सर्वकालिक महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की पुण्यतिथि पर, उनकी कुछ जीवंत रचनाएँ । इनका जन्म – 27 दिसंबर, 1796 ( आगरा, उत्तर प्रदेश ) एवं अवसान – 15 फरवरी, 1869 ( दिल्ली ) में हुआ । 

हमें काश तुमसे मुहब्बत न होती !

जिनके ज़िक्र के बगैर हिंदी सिनेमा का इतिहास नहीं लिखा जा सकेगा। प्रेम की शाश्वत प्यास की प्रतीक मरहूम मधुबाला को उनके यौमे पैदाईश (14 फरवरी) पर उनके व्यक्तिगत जीवन पर केंद्रित आलेख । लेखक : पूर्व आई० पी० एस० पदाधिकारी, कवि : ध्रुव गुप्त 

क्योंकि हमारे भीतर का बच्चा कहता है कि “सब मनोरथ बाबा के भरोसे”

महाशिवरात्रि मनाया जा रहा है । गाँव से शहर तक ! यहाँ जो भी लड़के व्रत करते दिख रहे हैं, वो भी हमारे इधर (गाँव) के ही हैं । एकदम ना के बराबर लड़के पटना से हैं जो व्रत कर रहे हैं । हाँ, सबसे बड़ी उपलब्धि ये रही है कि इस शहर के कुछ

IQ तथा EQ का संतुलन आवश्यक है

IQ” word जर्मन शब्द Intelligenz-Quotient से निकला है जिसका पहली बार use जर्मन Psychologist  विलियम स्टर्न ने 1912 मे किया। IQ यानी intelligent quotient आपके सोचने-समझने और knowledge हासिल करने से जुड़ा है। हम दिमागी तौर पर किसी काम को कितने बेहतर तरीके से कर सकते हैं, यह तय करता है।

सूरज रे जलते रहना !

सैन्य-वीरों के त्याग और तप को संजोने वाले गीतों के रचनाकार स्व कवि प्रदीप उर्फ़ रामचन्द्र नारायणजी द्विवेदी जी की जयंती पर प्रस्तुत है यह आलेख । लेखक : पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं कवि ध्रुव गुप्त 

कुछ बातें जो स्मार्ट लोगो को पता होना चहिये

शांतिपूर्वक जीवन जीने के लिए ऐसी कई बातें हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए । आईये Vichar Bindu के इस कंटेंट में जानते हैं “कुछ बातें जो स्मार्ट लोगो को पता होना चहिये “

हे हंसवाहिनी से गजबे कमर लचके तक

हमारे समाज मे सभ्य लोगों का एक ऐसा भी समूह होता है जो बरसाती बेंग की तरह केवल दूर्गा पूजा, काली पूजा और सरस्वती पूजा के अवसर पर ही दृष्टिगोचर होते हैं । इन भक्तों का पहला काम होता है हफ्ता वसूलने के स्टाइल में चंदा वसूलना ।

​हम क्यों करते हैं सरस्वती की पूजा ?

सरस्वती हिन्दू धर्म की तीन पौराणिक महानायिकाओं या तीन प्रमुख देवियों – लक्ष्मी, दुर्गा और सरस्वती में से एक हैं। लक्ष्मी जहां धन, वैभव और ऐश्वर्य की और दुर्गा शक्ति की देवी है, सरस्वती को विद्या और कलाओं की अधिष्ठात्री देवी का दर्ज़ा हासिल है।

देवी सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना कैसे करें – मन्त्र, चालीसा एवं विधि

वसंत ऋतु आते ही प्रकृति का कण-कण खिल उठता है । मानव तो क्या पशु-पक्षी तक उल्लास से भर जाते हैं । हर साल माघ महीने में शुक्ल की पंचमी को विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की उपासना होती है । इस पर्व को आम भाषा में वसंत पंचमी कहा जाता है ।
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