श्री अटल बिहारी वाजपेयी


Atal Bihari Vajpayee

अद्भुत राजनीतिक प्रतिभा के धनी, राष्ट्र सेवक परम आदरणीय भारतरत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर  1924  को MP में हुआ था । एक उदार,  विवेकशील, निडर, सरल, सहज  राजनेता के रूप में  इनकी छवि अत्यंत लोकप्रिय रही है । एक ओजस्वी वक्ता, कवि की संवेदनाओं से भरपूर और भावुक ह्रदय के वाजपेयी जी, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति आस्थावान इनका वक्तित्व सभी को प्रभावित कर जाता है । इनकी वाक्पटुता  पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने यह कहा की  इनके कंठ में सरस्वती का वास है ।

नेहरु जी ने इन्हें  “अद्भुत वक्ता की विश्वविख्यात छवि को नवाज़ा

वाजपेयी जी अविवाहित प्रधानमंत्री के रूप में एक ईमानदार निर्लिप्त छवि वाले प्रधानमंत्री रहे हैं । इनकी प्रमुख रचनाओं में  –   मृत्यु और हत्या , अमर बलिदान,  मेरी 51 कविताएँ, बिंद-बिंदु विचार ,  न्यू डाइमेंशन ऑफ़ इण्डियाज, फ़ॉरेन पालिसी और फोर डिकेड्स इन पार्लियामेंट में इनके भाषणों का संग्रह है ।


अटल जी ऐसे पहले विदेश मंत्री थे जिन्होंने संयुक्तराष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर भारतवर्ष को गौरवान्वित किया । अपनी कविता के माध्यम ए वे कहते है ।

” गूंजी हिंदी विश्व में, स्वप्न हुआ साकार ।

राष्ट्र संघ के मंच से, हिंदी का जयकार ।

हिंदी का जयकार, हिन्द हिंदी में बोला । 

देख स्वभाषा प्रेम, विश्व अचरज से डोला ।”


सन 1992 में इन्हें “पदमविभूषण” तथा 1994 में श्रेठ सांसद के रूप में पण्डित गोविन्द वल्लभ पन्त और लोकमान्य तिलक पुरस्कारों से इन्हें सम्मानित किया गया । एवं दिसम्बर 2014  को “भारतरत्न से सम्मानित किया गया ।

Atal Bihari Vajpayee

श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रेरणात्मक विचार 


भारत को लेकर मेरी एक दृष्टी है – “ऐसा भारत जो भूख ,भय, निरक्षरता और आभाव से मुक्त हो” 

– अटल बिहारी वाजपेयी


आप मित्र बदल सकते हैं । पर पड़ोसी नहीं ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


हम उम्मीद करते हैं, की विश्व प्रबुद्ध स्वार्थ की भावना से काम करेगा ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


हमारे परमाणु हथियार विशुद्ध रूप से किसी विरोधी के परमाणु हमले को हतोत्साहित करनें के लिए हैं ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


गरीबी बहुआयामी है । यह हमारी कमाई के अलावा स्वास्थय , राजनीतिक भागीदारी , और हमारी संस्कृति और सामाजिक संगठन की उन्नति पर भी असर डालती है ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


आज वैश्विक निर्भरता का अर्थ यह है कि विकासशील देशों में आई आर्थिक आपदाएं विकसित देशों में संकट ला सकती हैं ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


जो लोग हमसे पूछते हैं कि हम कब पाकिस्तान से वार्ता करेंगे वो शायद ये नहीं जानते कि पिछले 55 सालों में पाकिस्तान से बातचीत करने के सभी प्रयत्न भारत की तरफ से ही आये हैं ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


वास्तविकता ये है कि UN जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन उतने ही कारगर हो सकते हैं जितना की उनके सदस्य उन्हें होने की अनुमति दें ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


शीत युद्ध के बाद आये उत्साह में एक गलत धारणा बन गयी की संयुक्त राष्ट्र कहीं भी कोई भी समस्या हल कर सकता है ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


भारत में भारी जन भावना थी कि पाकिस्तान के साथ तब तक कोई सार्थक बातचीत नहीं हो सकती जब तक कि वो आतंकवाद का प्रयोग अपनी विदेशी नीति के एक साधन के रूप में करना नहीं छोड़ देता ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


संयुक्त राष्ट्र की अद्वितीय वैधता इस सार्वभौमिक धारणा में निहित है, कि वह किसी विशेष देश या देशों के समूह के हितों की तुलना में एक बड़े उद्देश्य के लिए काम करता है ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


हम मानते हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका और बाकी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय  पाकिस्तान पर भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को हमेशा के लिए ख़तम करने का दबाव बना सकते हैं ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


पहले एक अन्तर्निहित दृढ विश्वास था कि संयुक्त राष्ट्र अपने घटक राज्यों की कुल शक्ति की तुलना में अधिक शक्तिशाली होगा ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


किसी भी मुल्क को आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक साझदारी का हिस्सा होने का ढोंग नहीं करना चाहिए, जबकि वो आतंकवाद को बढाने, उकसाने, और प्रायोजित करने में लगा हुआ हो ।

– अटल बिहारी वाजपेयी


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1 Comment

  1. Shalini
    December 25, 2017
    Reply

    Bahut hi prernadayak. Dhanyawaad

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