Author: Vichar Bindu

लिंग विभेद / Gender Sensitization

महिलाओं को सबसे अधिक शोषित महिला ही करती है । खेत बेच के बेटा को IIT की तैयारी के लिए भेज दो ! और बेटी “बी.ए.ड” कर ले तो बहुत है । एक बहु के लिए उसका ससुर सबसे अच्छा इंसान होता है लेकिन सास दुनियाँ की सबसे बेकार औरत आखिर क्यों ? ये हजारों

अब्राहम लिंकन महोदय के प्रेरणात्मक विचार

अब्राहम थॉमस लिंकन का जन्म 12 फरवरी, 1809 को केंटुकी ( अमेरिका) में एक गरीब अश्वेत परिवार में हुआ था. वे एक वकील, इलिअन्स स्टेट के विधायक (लेजिस्लेटर), अमेरिका के हाउस ऑफ् रिप्रेस्न्टेटिव्स के सदस्य थे. वे प्रथम रिपब्लिकन थे जो अमेरिका के राष्ट्रपति बने. इन्होने अमेरिका को उसके सबसे बड़े संकट – गृहयुद्ध (अमेरिकी

खुशमिजाज लोग क्या करते हैं ?

आप जब सुबह उठते हैं तो सबसे ज्यादा अमूल्य क्या पाते हैं. क्या यह सोच कर खुश होते हैं कि आप फिर सुबह का स्वागत करने को तैयार हैं, या फिर सांस लेने पर खुश होते हैं, या फिर कुछ सीखने की इच्छा रखते हैं, या प्रेम के लिए ।

दो शहरों की कहानी

एक मुसाफिर ने सड़क के किनारे बैठी महिला से पूछा, आगे जो शहर आने वाला है, उस शहर के लोग कैसे हैं ? ‘तूम जहाँ से आ रहे हो वहाँ के लोग कैसे थे ?’ – महिला ने पूछा.

हमारा ध्यान कहाँ किन बातों पर होना चाहिए

जीवन जीने के प्रयोजन में हम अपने विचारों को किस दिशा में ले जाएँ , हमारा ध्यान कहाँ किन बातों पर होना चाहिए जिससे हम अपने जीवन में समृद्धि की ऊंचाई को छु सकें !

लंका के राम कथा में रावण अब तक जिन्दा है !

हमारे देश में भगवान राम हर एक के दिल में बसे हैं किन्तु माता सीता के लिए रावण का वध कर लंका विजय करने वाले श्रीराम की चर्चा लंका में कैसी होती है ? क्या लंका के इतिहास में, उनकी संस्कृति में, उनकी लोक कथाओं में भी राम हैं ? आइए इस सम्बंध में कुछ

कैसे निखरेगी चेहरे की रंगत ?

त्वचा की देखभाल करना आसान काम नहीं है. तरह-तरह के दाग धब्बों के साथ टैनिंग आदि के कारण चेहरे की रंगत एक जैसी नहीं रह पाती. आइए जाने इस परेशनी से कैसे पाएं छुटकारा ?

खेतों की खैरियत

खेतों की खैरियत जानने मैं अनायस खेतों की तरफ बढ़ चला । दूर से हरे लहलहाते खेत वास्तविक उपज से अधिक का भ्रम पैदा कर रहे थे । मैं नजदीक पहुँचा ही था कि ३” चैौड़ी दरारों को देखकर उम्मीदें दरकने लगी । बरबस नजर उपर की ओर आकाशी गंगा को खोजने लगी । सूर्यदेव

आज तक उनकी वर्दी धोयी नहीं ! जब बहुत याद आते हैं, तो पहन लेती हूं

“2009 में उसने मुझे प्रपोज़ किया था. 2011 में हमारी शादी हुई, मैं पुणे आ गयी. दो साल बाद नैना का जन्म हुआ. उसे लम्बे समय तक काम के सिलसिले में बाहर रहना पड़ता था. हमारी बच्ची छोटी थी, इसलिए हमारे परिवारों ने कहा कि मैं बेंगलुरु आ जाऊं. मैंने फिर भी वहीं रहना चुना

जब पहली बार मेरा परिचय “पेपर लीक” शब्द से हुआ

मैं अभी कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल टायर- टू की परीक्षा से निकला ही था कि देखा कुछ परीक्षार्थी ग्रुप बनाकर मोबाइल में व्यग्रता से झांकते उसमें घुसे जा रहे थे। उनके चेहरे पर निराशाजनित आक्रमकता थी जो शनैः शनैः उनके क्रियाकलापों पर हावी होता जा रहा था।
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