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शक्ति के साथ अच्छे गुणों का विस्तार आवश्यक

wind-VBC.COMचंद्रमा की दो संताने थी । एक पुत्र – पवन और दूसरी पुत्री – आंधी । एक दिन एक छोटी सी घटना पर पुत्री आंधी को यह लगा कि मेरे पिताजी सांसारिक पिताओं की तरह पुत्र व पुत्री में भेद करते हैं । चन्द्रमा अपनी पुत्री की व्यथा को ताड़ गये । उन्होंने पुत्री को आत्म निरिक्षण का एक अवसर देने का निश्चय किया । (more…)

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प्रेरणात्मक कथा – माँ के आँसू ….!

old women vicharbindu.comप्रिय पाठकों प्रस्तुत है, एक प्रेरणात्मक कथा । माँ के आँसू –  यह उसकी अपनी माँ से अंतिम मुलाकात थी, हालाँकि तब उसे इस बात का इल्म नहीं था । वह शहर लोटते समय माँ से विदाई ले रहा था, तो माँ फुट-फुट कर रो पड़ी थी । वह लगातार रोए जा रही थी । उसे थोड़ा आश्चर्य हुआ था कि माँ इतना तो कभी नहीं रोई । वह कुछ समझ नहीं पाया …….. (more…)

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जीवन का सदुपयोग……..

aashramप्रिय पाठकों हमारे ज़िन्दगी  में कभी – कभी ऐसा वक्त आता है, जब हम अपने ही घर की समस्या से तंग आ कर अपने ही जीवन को व्यर्थ समझने लगते है । मित्रों प्रस्तुत है एक लघु कथा – महर्षि  रमण के आश्रम के समीप ही एक शिक्षक का आवास था । उनके घर लड़ाई-झगड़े होते रहते थे । एक दिन रोज-रोज के लड़ाई-झगड़े से तंग आकर शिक्षक ने आत्महत्या कर लेने का निश्चय कर लिया,………. (more…)

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