बुढ़िया,हँसुआ,घास और विकास !

दोपहर बीत चुकी है । फागुन की ठंडी हवाओं ने कब करवट ली और चैत्र मास के लूँ के थपेड़ों ने मन को विचलित करना शुरू कर दिया यह पता […]

जाति नहीं व्यव्स्था बदलो !

उस दलित बस्ती के चौक पर बैठकर ब्राह्मण होने के कारण हमने जितनी गालियां सुनी थी उसकी कल्पना हमने सपनों में भी नहीं की थी । सच कहूं उस दिन […]

हम मिथिला के विकास के लिये माँगते हैं ।

अब कानों को सुनने से तो नहीं रोक लीजिएगा, तो हमने भी सुन लिया । यूं ही चलते चलते कोई कह रहा था कि हम मांगते हैं । जी हाँ […]

चट्टानी एकता जरूरी है मिथिला के विकास के लिए !

आज यह सवाल उठता है कि हम पिछड़े क्यों ? पूरे विश्व की सबसे उपजाऊ मिटटी बंजर कैसे हो गई ? पलायन घर घर की कहानी कैसे बन गई ? […]

चुपचाप कम्बल ओढ़ घी पीते रहिये !

ऐसा कभी होता नहीं था । समय बदला जिम्मेवारी बदली और फिर यूँ लगा कि आसपास का पूरा संसार ही बदल गया । हर पल गुस्सा आना, मुहं से गाली निकलना, चिड़चिड़ापन […]

बालकनी के प्रेम कथा का निर्दयी अंत !

दिसम्बर के धुप में यूँ ही बालकनी के दूसरी तरफ मुड़ बैठ गया था | बादलों के बीच सूरज की आँख मिचौली में बालकनी की ठंडी हवा मन को मोह […]

छठ के बाद…

छठ के अगले ही दिन आप देखियेगा मिथिला के हर दलान पर फिर पंचायत बैठेगी । मुद्दा वही भाई-भाई के बीच जमीन जायदाद का बंटबारा, धुर कट्ठा जमीन के लिये […]

Lyengar योग के गुरु B.K.S Lyengar

मित्रों  Lyengar योग के गुरु   B.K.S Lyengar  (वेल्लूर कृष्णमचारी सुन्दराज अयंगार)  का जन्म कर्नाटक के वेल्लूर में 14 दिसम्बर 1918 को हुआ । अयंगार भारतवर्ष के एक महान योग […]