जिसके कारण मिट्टी भी चन्दन है राजस्थानी

Padmini-Gora-Badal - Pandit Narendra Mishra

रानी पद्मावती प्रसंग से जुड़े पंडित नरेंद्र मिश्र की लोकप्रिय कविता ‘ http://coleadblog.com/formations/leadership-et-transformation-creatrice/ पद्मिनी-गोरा-बादल‘ “दोहराता हूँ सुनो रक्त से लिखी हुई क़ुरबानी, जिसके कारण मिट्टी भी चन्दन है राजस्थानी ।” डॉ कुमार विश्वास द्वारा इस कविता की प्रस्तुती का विडियो भी आवश्य देखें ! Continue reading “जिसके कारण मिट्टी भी चन्दन है राजस्थानी”

कवियत्री भारती झा की पाँच कविताएँ

Bharti Jha vicharbindu

“कवियत्री भारती झा की पाँच कविताएँ”  भारती झा दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा हैं । साहित्य में रूचि रखती हैं, हिंदी तथा मैथिली में निरंतर कविताएँ लिखती हैं । आईये विचारबिंदु के इस अंक में पढ़ते हैं इनकी हिंदी की कविताएँ  ।  Continue reading “कवियत्री भारती झा की पाँच कविताएँ”

बाबा नागार्जुन की कविताएँ

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प्रस्तुत है, वैद्यनाथ मिश्र “यात्री” यानी बाबा नागार्जुन की कविताएँ  click here बादल को घिरते देखा है,  कालिदास! सच-सच बतलाना !बांकी बच गया अंडा, इन घुच्ची आँखों मेंअकाल और उसके बाद । Continue reading “बाबा नागार्जुन की कविताएँ”

कवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रेरणात्मक कविताएँ

Maithili Sharan Gupt poem in hindi

कवि मैथिलीशरण गुप्त की कुछ प्रेरणात्मक कविताएँ/ कालजयी रचना जो हमें प्रेरणा देता है । आईये पढ़ें कविता ( “नर हो, न निराश करो मन को” एवं “मनुष्यता” )  Continue reading “कवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रेरणात्मक कविताएँ”

जुवेनाइल मुहब्बत

Vikash Vatsnabhसमय की करवटों ने बहुत कुछ बदला है । लड़के अब ड्यूड और लड़कियाँ बेब्स कही जाने लगीं हैं । पॉकेट मनी सीसीडी और पब को नशीब हो रहा है । खतों की सिसकियाँ रिंगटोन में बजने लगी है । हर जगह..

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कविता “चुप्पी” और “युद्धउन्माद”

rajanish_priyadarshiप्रिय पाठकों प्रस्तुत है । कवि रजनिश प्रियदर्शी की नवोदित हिंदी रचना ( कविता “चुप्पी” और “युद्धउन्माद” ) जो सामाजिक और राजनितिक वर्तमान परिदृष्य पर लिखी गई है । पढ़ें … Continue reading “कविता “चुप्पी” और “युद्धउन्माद””

पाँच बाल कविताएँ

child_poem_vicharbindu2प्रस्तुत है पाँच बाल कविताएँ ।  “माँ, कह एक कहानी”- मैथिलीशरण गुप्त / “बचपन जिंदाबाद !” – शादाब आलम /  “टेसू राजा अड़े खड़े” –  रामधारी सिंह दिनकर /  “सुबह” – श्रीप्रसाद / “सतरंगे बादल”  – पूनम श्रीवास्तव । Continue reading “पाँच बाल कविताएँ”