Category: Motivational Incident / प्रेरक प्रसंग

आज तक उनकी वर्दी धोयी नहीं ! जब बहुत याद आते हैं, तो पहन लेती हूं

“2009 में उसने मुझे प्रपोज़ किया था. 2011 में हमारी शादी हुई, मैं पुणे आ गयी. दो साल बाद नैना का जन्म हुआ. उसे लम्बे समय तक काम के सिलसिले में बाहर रहना पड़ता था. हमारी बच्ची छोटी थी, इसलिए हमारे परिवारों ने कहा कि मैं बेंगलुरु आ जाऊं. मैंने फिर भी वहीं रहना चुना

एक प्रेरक प्रसंग- “समय की क़ीमत”

यह घटना उस समय की है जब स्वतंत्रता आंदोलन ज़ोर पकड़ चुका था । गांधी जी घूमकर या सभा बुलाकर लोगों को स्वराज और अहिंसा का संदेश देते थे । एक बार उन्हें एक सभा मे उपस्थित होने का आमंत्रण मिला ।

एक चिड़िया, जो बनी पूरी ज़िन्दगी की प्रेरणा

यह प्रसंग अमेरिका के एक छोटे से बच्चे की है, जिसका नाम डिफोस्ट था । जो विषम परिस्थिति में भी अपने सपने को साकार किया एक छोटी सी चिड़ियाँ से प्रेरणा ले कर…….

कुछ प्रेरक प्रसंग जो करेंगे आपका मार्गदर्शन

कभी-कभी हम अत्यधिक ही विचलित हो जाते हैं । छोटी-छोटी बातें हमें दिग्भ्रमित कर देती है और हम बेवजह परेशान हो जाते है । ऐसे में कुछ प्रसंग हमें यथार्थ का बोध कराते  हैं, और हमारा पथ प्रदर्शित करते हैं । आइए पढ़ें…..

मेरा गुरु कौन ?

प्रिय पाठकों प्रस्तुत है, महान दार्शनिक अरस्तु महोदय से संबंधित एक प्रेरक प्रसंग मेरा गुरु कौन ? मुर्ख या विद्वान । एक बार एक विद्वान यूनान के दार्शनिक अरस्तु से मिलने गये ।
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