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देश का ये चुप्पी वाला एटीट्यूड घातक है भाई !

Indo-Pak-Relationलगभग पच्चीस साल पहले किसी पत्रिका में पढ़ा था, एक बहुत ही शक्तिशाली, बाहुबली योद्धा था । उसके पड़ोस में एक दुबला-पतला, फुर्तीला आदमी रहता था । दोनों के बीच…. (more…)

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’गाँव-गरीब-दलित-महादलित-किसान-मजदूर-अल्पसंख्यक-हिन्दू-मुसलमान’

kheti“किडनी पर ज्यादा लोड मत लो राजू…..मैंने पहले ही समझाया था….शहर छोड़कर गाँव मत आओ…जब-तक सूट-बूट में हो तभी तक सरकार है, हमारी तरह लुंगी-गंजी-कुदाल से पहचान होगी तो सिर्फ सरकारी जुबान में रहोगे…’ (more…)

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क्रांति कोई डिनर पार्टी नहीं है ।

satyam kumar jhaमुझे इस दुनिया में हो रहे कई चीज गलत लग जाती है । समकालीन मुद्दे पे तपाक से राय नहीं बना पता । मैं एकतरफा नहीं हो पता किसी भी मुद्दे पे । कुछ दिनों पहले…… (more…)

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बिहार के चीनी मिल, अतीत वर्तमान और भविष्य..

बिहार में सन् 1820 में चंपारण क्षेत्र के बराह स्टेट में चीनी की पहली शोधक मिल स्थापित की गई । 1903 से तिरहुत में आधुनिक चीनी मिलों का आगमन शुरू हुआ । 1914 तक चंपारण के लौरिया समेत दरभंगा जिले के लोहट और रैयाम चीनी मिलों से उत्पादन शुरू हो गया । 1918 में न्यू सीवान (more…)

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आंगनबाड़ी का लुट सही है….

anganwadiआंगनबाड़ी हर गाँव क़स्बा मोहल्ला की एक पहचान है । छोटे छोटे बच्चो का समूह, खिचरी बनाती सहयोगिनी और नन्हे-मुन्ने के किलकारियों से गूंजता वह छोटा सा जगह आपको पुरे भारतबर्ष में हर जगह मिल जायेंगे । हर परिवार का एक नाता सा बन गया आज के दौर में आंगनबाड़ी से । बच्चो का टिकाकरण, पौष्टिक आहार…. (more…)

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