Skip to main content

क्रांति कोई डिनर पार्टी नहीं है ।

satyam kumar jhaमुझे इस दुनिया में हो रहे कई चीज गलत लग जाती है । समकालीन मुद्दे पे तपाक से राय नहीं बना पता । मैं एकतरफा नहीं हो पता किसी भी मुद्दे पे । कुछ दिनों पहले…… (more…)

Read More

इतिहास के गर्भ में मिथिला !

satyam kumar jhaपुरातात्विक अवशेषों का अन्वेषण, विश्लेषण में पूरा पाषाण काल, मध्यकाल अथवा नव पाषाण काल के कई अवशेष जो अभी तक प्रकाश में नहीं आये हैं उनमें से एक है बलिराजगढ़ .. प्रस्तुत है इस विषय पर सत्यम कुमार झा का संक्षिप्त आलेख ।

(more…)

Read More

कविता “चुप्पी” और “युद्धउन्माद” !

rajanish_priyadarshiप्रिय पाठकों प्रस्तुत है । कवि रजनिश प्रियदर्शी की नवोदित हिंदी रचना ( कविता “चुप्पी” और “युद्धउन्माद” ) जो सामाजिक और राजनितिक वर्तमान परिदृष्य पर लिखी गई है । पढ़ें … (more…)

Read More

प्यार-व्यार

pyar wyar“अदना सा तो सपना है आ ऊहो पर हंगामा है । बोलता है संतुष्ट रहो; ईहो कोई बात है, काहे रहें ? है ही का हमरे पास, एगो छोटका गो कमरा, एगो अखड़ा खाट आ एगो पड़ोसी का जंगला….गाम में एगो कठही गाड़ी था ऊहो (more…)

Read More