Our Heritage - Rajnagar's Palace

हमारी विरासत – राजनगर का राजमहल

Our Heritage / हमारी विरासत
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बिहार राज्य के मिथिला क्षेत्र मधुबनी जिला के अंतर्गत एक छोटा शहर राजनगर है, यहाँ है एक भव्य राजमहल !  खंडवाला राजवंश के राजा द्वारा इस राजमहल का निर्माण हुआ, इस महल का निर्माण महाराजा महेश्वर सिंह के पुत्र रामेश्वर सिंह के लिये कराया गया, 1870 के आस-पास लक्ष्मेश्वर सिंह ने अपने छोटे भाई रामेश्वर सिंह के लिये इसका साज-सज्जा करवाए ।

बहूत ही भव्य राज्यमहल था, इस राज्यमहल को ब्रिटिश  के वास्तुविद एम. ए. कोरनी ने बनाया था । इसकी सुंदरता देखते ही बनता था । राज्यमहल को चारों तरफ से घेरा गया था । महल में प्रेवेश करने के लिये दो मुख्यद्वार था, जो आज भी स्थित हैं, मुख्य द्वार से प्रेवेश करते ही देवी दुर्गा का भव्य मंदिर है, जो आज भी अपने आप में एक अलग चमक बनाये हुए है, राजमहल के चारो तरफ मंदिर का निर्माण करवाया गया था, महल के अंदर एक बड़ा सा तालाब है, यहाँ एक विश्वप्रसिद्ध नौलखा मंदिर है, जिसको उस समय नौ लाख रूपये लगा कर निर्माण करवाया गया था, जिसकी सुंदरता का कोई वर्णन नहीं है,  बगीचों की सजावट और तरह-तरह के पेड़ – पौधों मन हर्षित कर देता है, यहाँ के मंदिरो के भव्य और मनमोहक दृश्य का कोई जवाब नहीं, देवी अन्नपूर्णा का मंदिर, दुर्गा जी, हनुमान जी और काली जी का मंदिर या कोई भी मंदिर सब पत्थरो से बनाया गया था, देवी काली का मंदिर 1889 ई• मे बनाया गया, पर आज भी आप इसकी सुंदरता को देख कर कायल हो जायेंगे । राजमहल में बड़े-बड़े महलों का निर्माण किया गया जहाँ राज्य के राज्यकर्मी रहते थे । ऊँची-ऊँची दीवारे जो आज भी महल के सुरक्षा में डटे हैं ।

भारत में सीमेंट से बना पहला ढांचा भी यही है , जो यहाँ के सचिवालय भवन के द्वार पर हाथी के स्वरूप में और सचिवालय के अंदर खंभो को सीमेंट से बनाया गया, जो आज हाथी घर के नाम से प्रसिद्ध है । इस महल को देखने लोग देश-विदेश से आते थे । सच में भारत के सबसे सुंदर राजमहलो में एक था. राजनगर का राजमहल ।

15 जनवरी 1934 ई• का भूकंप यहाँ के सुंदरता को बिखेर दिया और खण्डहर में तब्दील कर दिया, पुनः महल का जीर्णोद्धार करवाया गया । परन्तु वर्तमान में इस महल को अपने जीर्णोद्धारक का तलाश है ।

राजनगर के राजमहल की भाँति हमारे कई धरोहर महल और मंदिर खण्डहर बनने को तैयार है अगर सरकार इन विषयों को संज्ञान में ले धरोहरों को सहेजें सही से मरम्मत करवाये तो यहाँ पर पहले की तरह पर्यटक का आवा-गमन होगा, और राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी ।


लेखक : विपिन झा ( मधुबनी बिहार  )


पढ़ते रहिये vicharbindu विचारों का ओवरडोज़  ! विचार बिंदु की ख़ास पेशकस : हमारी विरासत । में आप भी अपने क्षेत्र के धरोहरों को सहेजें और उसकी जानकारी हमें भेजें Email : rajanishpriyadarshi@gmail.com

 

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