डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन – जीवनी

बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन महान दार्शनिक, तत्ववेत्ता, धर्मशास्त्री , शिक्षाशास्त्री, एवं कुशल राजनीतिज्ञ थे । इन्होंने भारत के राष्ट्रपति जैसे पद को सुसोभित किया । 1954 में इन्हें भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के प्रेरणात्मक विचार

बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन महान दार्शनिक, तत्ववेत्ता, धर्मशास्त्री , शिक्षाशास्त्री, एवं कुशल राजनीतिज्ञ थे । इन्होंने भारत के राष्ट्रपति जैसे पद को सुसोभित किया । इनका जन्म : 5 सितंबर, 1888  एवं अवसान : 17 अप्रैल, 1975 को हुआ ।

थॉमस कलाईल महोदय के प्रेरणात्मक विचार ।

प्रसिद्ध स्कॉटीश दार्शनिक, इतिहासकार, निबंधकार, व् समालोचक “थॉमस कलाईल महोदय” का जन्म : 4 दिसम्बर, 1795 को स्कॉटलैंड में हुआ था । ये खासकर अपनी पुस्तक ‘द फ्रेंच रेवोल्युशन के लिए जाने जाते हैं । 5 फरवरी 1881 को इंग्लैंड में इनका अवसान हो गया । आईये पढ़ें इनके प्रेरणात्मक विचार …

अपना ध्यान अपने कर्म पर केंद्रित करें |

किसी जंगल मे एक गर्भवती हिरणी थी, जिसका प्रसव होने को ही था । उसने एक तेज धार वाली नदी के किनारे घनी झाड़ियों और घास के पास एक जगह देखी जो उसे प्रसव हेतु सुरक्षित स्थान लगा ।

माइग्रेन से छुटकारा के घरेलू नुस्खे ।

बहूत सारे लोग आधे सिर के दर्द से परेशान होते हैं जो दर्द लंबे समय तक परेशान करता है । यह माइग्रेन ( अधकपारी ) का लक्षण है । माइग्रेन को कंट्रोल करने के लिए या इसके दर्द से राहत पाने के लिए हम पेनकिलर के बजाय आसान घरेलू उपायों को अपना सकते हैं ।

एक चुटकी ज़हर रोजाना

आरती नामक एक युवती का विवाह हुआ और वह अपने पति और सास के साथ अपने ससुराल में रहने लगी । कुछ ही दिनों बाद आरती को आभास होने लगा कि उसकी सास के साथ पटरी नहीं बैठ रही है । सास पुराने ख़यालों की थी और बहू नए विचारों वाली ।

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

लोकमान्य के नाम से प्रसिद्ध, भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सैनानी, समाज सुधारक बाल गंगाधर तिलक का जन्म : 23 जुलाई 1856,  महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिंले के चिल्खी गाँव में हुआ था । महात्मा तिलक ब्रिटिश हुकूमत से

इससे अच्छा तो गुलाम ही था

17 जुलाई 2015 दिन शुक्रवार, मैं सबेरे 7 बजे ही दरभंगा रेलवे स्टेशन पहुँच चूका था । कारण था मुझे दिल्ली जाना था, पर मेरे पास रिजर्वेशन टिकेट नहीं था..

हमारा धर्म मानवता है ।

आप धर्म के नाम विरोध करतें हैं किसी का ! ठीक है हमें कोई दिक्कत नहीं । हमें दिक्कत उन से है जो पीछे बैठे चुपचाप तमाशा देखते हैं और कुछ बोलते नहीं । जी हाँ हम उन्हें कसुरवार मानते हैं जो इसके खिलाफ खड़े नहीं होते, इसका का विरोध नहीं करते, और इस असमानता के खिलाफ

मानवता की पुजारिन मदर टेरेसा

मदर टेरेसा पूरा नाम (अग्नेशे गोंकेशे बोज़शियु) इनका जन्म 26 अगस्त 1910 ओटोमन साम्रज्य में हुआ था । मदर टेरेसा रोमन कैथोलिक नन थी जिन्हें भारतीय नागरिकता प्राप्त था । इन्होंने 1950 में कोल्कता में मिशनिरिज ऑफ़ चेरिटी की स्थापना की और 45 वर्ष तक बीमार अनाथों की सेवा की ।
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