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कहाँ है, परम् सत्य – लघु कथा

heart प्रिय पाठकों प्रस्तुत है । एक प्रेरणात्मक लघु कथा – ‘परम् सत्य‘ एक बार ईश्वर ने सभी प्राणियों को बुलाया, लेकिन मानव्  को जान- बुझ कर छोड़ दिया । दरअसल वो इंसान से कुछ छुपाना चाहते थे । ईश्वर चाहते थे की ‘परम सत्य’ इंसान के पहुंच में न आये । आगे …. (more…)

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राष्ट्रीय युवा दिवस

Swami Vivekanandaप्रिय पाठकों प्रस्तुत है स्वामी विवेकानन्द के जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस पर लेख । मित्रों 1985 से हम लोग 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते आ रहें है । तो  आयें युवा शक्ति के प्रेरक एवं मानवता के पुजारी स्वामी जी के विचारों की ओर चलें …….. (more…)

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ज्ञान की शालीनता

swami-vivekanandaप्रिय पाठकों प्रस्तुत है । स्वामी विवेकानंद जी के द्वारा दी गई प्रेरणात्मक विचार । इस लेख में स्वामीजी के द्वारा लोगो को अज्ञानता रूपी अहंकार के वास्तविकता को समझाया गया है । ……. (more…)

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अदरक के फ़ायदे

Adrakप्रिय पाठकों प्रस्तुत है । हमारे रसोई में प्रयोग होने वाले “अदरक/Ginger”  ( वानस्पतिक नाम: जिंजिबर ऑफ़िसिनेल / Zingier officinale ) के विषय में यह लेख । यह हमारे सेहत के लिए वरदान है । यह  इसमें बहूत सारे पोषक तत्व मौजूद होते है जेसे विटामिन, आयरन, आयोडीन, कैल्शियम इत्यादि ओषधि के रूप में इसका प्रयोग सर्वविदित है । तो आयें जानते हैं इसकी कुछ विशेषताएँ और प्रयोग …. (more…)

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संन्यासी कौन ?

swami vivekanandaप्रिय पाठकों,  प्रस्तुत है । यूग पुरुष स्वामी विवेकानंद से संबंधित एक प्रसंग जिसे पढने के बाद आप स्वत: समझ जायेंगे की वास्तव में सन्यासी कौन होते है । एक बार बंगाल में भीषण अकाल पड़ा था । चुकी स्वामी जी में मानवीय संवेदना कूट-कूट कर भरी थी, वो बहूत दुखित थे । इसलिए  स्वामी जी सारे देश में घूम-घूम कर अकाल पीड़ितों के लिए आनाज और धन एकत्रित्र कर रहे थे । आगे …… (more…)

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जीवन का सदुपयोग……..

aashramप्रिय पाठकों हमारे ज़िन्दगी  में कभी – कभी ऐसा वक्त आता है, जब हम अपने ही घर की समस्या से तंग आ कर अपने ही जीवन को व्यर्थ समझने लगते है । मित्रों प्रस्तुत है एक लघु कथा – महर्षि  रमण के आश्रम के समीप ही एक शिक्षक का आवास था । उनके घर लड़ाई-झगड़े होते रहते थे । एक दिन रोज-रोज के लड़ाई-झगड़े से तंग आकर शिक्षक ने आत्महत्या कर लेने का निश्चय कर लिया,………. (more…)

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HAPPY NEW YEAR / नव वर्ष पर विशेषांक, विचारबिंदु….

नव वर्ष सर्वप्रथम आप सभी पाठकों को नववर्ष की मंगलमय शुभकामनाएं ! हम सभी समय के चक्र के साथ नववर्ष में प्रस्थान कर गए हैं । हमें नववर्ष के आगमन के इस पल में अपने विषय पर चिंतन करने की आवश्यकता है, हमें मानवीय मूल्यों के आधारभूत विषयों, अपने कर्तव्यों एवं अपने जीवनशैली से संबंधित विषयों पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है । (more…)

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आंवला के अनेकों फ़ायदे


Amlaआयुर्वेद में अपना ख़ास स्थान रखने वाला फल “आंवला” जिसे प्रकृति ने हमें वरदान के रूप में दिया है ।
विभिन्न व्यंजनों के रूप में हमलोग इसका प्रयोग करते है, जैसे मुरब्बा, मिठाई, जैम, पाउडर, अचार, जूस आदि हमारे स्वस्थ के लिए बहूत ही लाभकारी होते है । सर्दी के मौसम में इसका प्रयोग बहूत फायदेमंद होता है । इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है । तो आइये जानते हैं इसके और बहूत सारे फ़ायदे …….. (more…)

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कवि सुमित्रानंदन पंथ

सुमित्रानंदन पंथ हिंदी साहित्य के छायावाद, रहस्यवाद एवं प्रगतिवादी कविसुमित्रानंदन पंथ” का जन्म 20 मई 1900 में एवं अवसान 28 दिसम्बर 1977 को हो गया । हिंदी साहित्य की अनवरत सेवा के लिए इन्हें 1961 में पद्मभूषण 1968 में ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी एवं सोवियत लैंड नेहरु पुरुस्कार जैसे उच्च श्रेणी के सम्मानों से अलंकृत किया गया…… (more…)

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रतन टाटा एक सफ़ल उद्योगपति

उधोग एवं व्यपार के क्षेत्र में कीर्ति पताका फहराने वाले भारतीय उधोगपति  “टाटा समुह” के अध्यक्ष “रतन नवल टाटा” का जन्म 28 दिसम्बर 1937 को मुम्बई में हुआ । इन्हें उधोग एवं व्यपार के क्षेत्र में सन 2000 में पद्म भूषण तथा सन 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया । (more…)

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