विदुषी महिला

एक मुसाफ़िर ने सड़क के किनारे बैठी एक महिला से पूछा, आगे जो शहर आने वाला है, उस शहर के लोग कैसे हैं ? ‘तुम जहाँ से आ रहे हो, वहां के लोग कैसे थे ?’  –  महिला ने पूछा । मुसाफ़िर ने जबाब दिया – ‘बहूत बुरे लोग थे । स्वार्थी, भरोसेमंद भी नही थे ।’

रवीन्द्रनाथ टैगोर के प्रेरणात्मक विचार

मित्रों प्रस्तुत है,  विश्वविख्यात साहित्यकार, चित्रकार, दार्शनिक, शिक्षाशास्त्री रवीन्द्रनाथ टैगोर के विचार जो हमारे देश के एक गोरवशाली वक्तित्व थें, इनका जन्म 7 मई सन 1861 को कोलकाता में हुआ । इन्हें नोबल पुरस्कार के प्रथम भारतीय होने का गोरव प्राप्त है । इनकी रचना गीतांजली जिसमें धर्म, दर्शन, एवं विश्व मानवता के अनूठे संदेश

सकारात्मक सोच

मित्रों , सोच ही हमारी दिशा और दशा तय करती है ।  गर्मी की छुट्टी में मैं अपने फुआ के यहाँ गया हुआ था । उस समय दुसरे शहर से मेरी फुआ की same age  की एक relative  भी आई थी । एक-दो दिन तो सब ठीक रहा, तीसरे दिन मौका देख कर उन्होंने मेरे

समय-समय पर अपना आकलन करते रहें…

मित्रों जीवन में ऐसी बहूत सारी परिस्थितियां आती हैं, जब हम खुद को लेकर अनिश्चित हो जाते हैं । इस अनिश्चितता से निकलने के लिए इन बातों को ध्यान में रखिये –

अच्छी आद्तें..

 स्वस्थ रहने के लिए आपमें कुछ अच्छी आदतों का होना बहूत जरूरी हैं । इन अदतों से ही आप बिमारियों से दूर रह सकते हैं । अच्छी आदतों में साफ़-सफाई का होना बहुत जरुरी है । खुद से लेकर अपने घर व आसपास की सफाई अवश्य करें । अच्छी आदतों में अच्छा खानपान होना भी जरूरी है

इतिहासकार हेरोडोटस महोदय

प्रिय पाठकों प्रस्तुत है, यूनान के प्रथम इतिहासकार और भूगोलवेत्ता  Herodotus/हेरोडोटस महोदय से संबंधित लेख, इनका जन्म  484 BC में हुआ था एवं अवसान 425 BC में हुआ  था ये। दुनिया के इस महान विचारक का संस्कृत नाम हरिदत्त था । इन्होंने लगातार आर्यों के मेड इतिहास पर अपनी नज़र बनाई रखी थी । इनके द्वारा ही

किया साहस खुली तक़दीर

प्रिय पाठकों प्रस्तुत एक साहसिक प्रसंग जो ब्रिटिश शासन के समय की है । बिहार के दियारा गांव में अधिकांश लोग जाना पसंद नहीं करते थे, क्योंकि वहां जाने वालों को अक्सर बुखार जकड़ लेता था ।

Lyengar योग के गुरु B.K.S Lyengar

मित्रों  Lyengar योग के गुरु   B.K.S Lyengar  (वेल्लूर कृष्णमचारी सुन्दराज अयंगार)  का जन्म कर्नाटक के वेल्लूर में 14 दिसम्बर 1918 को हुआ । अयंगार भारतवर्ष के एक महान योग गुरु थे जिन्होंने अयंगार योग की स्थापना की थी । 1975 में इन्होंने महाराष्ट्र में योगविद्या नाम से अपना संस्थान शुरू किया । और………

मकड़ी से मिली प्रेरणा….

प्रिय पाठकों प्रस्तुत है, स्काट्लेंड के राजा ब्रुश एवं एक मकड़ी से संबंधित प्रेरणात्मक प्रसंग  …… जब राजा ब्रुश अपने शत्रुओं से युद्ध में हार गये । उनके बहूत सारे सैनिक मारे गए और बंदी बना लिए गए । उनके महल पर शत्रु सेना का कब्ज़ा हो गया । वह अपने परिवार से भी बिछड़ गये ।

प्रगति, शांति में ही संभव है…..

प्रिय पाठकों,  गुरुत्वाकर्षण की खोज करने वाले ब्रिटेन के महान वेज्ञानिक सर आइजेक न्यूटन बहूत ही शांति प्रिय वक्ति थे । बड़ी से बड़ी परेशानी में भी वे अपना धैर्य नहीं खोते थे हर परिस्थिति का सामना शांति एवं धैर्य से करते थे । इनके इस स्वभाव को आप इस प्रसंग से जानिए ……
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