असफलता की ताकत

जब हम असफल होते हैं तो अपने आप को तुक्ष मानने लगते है । भले ही हम सक्षम हों, मजबूत हो, असफलता हमारा मुंह चिढ़ाती है और हम नसीब को रोने लगते है ।  

 

लेकिन क्या हमने कभी सफलता पर अपनी खुबियों को जानने की या अपने तक़दीर पर खुश होने की कोशिश की है ? चाहे लोकप्रियता हो, शराब हो पैसा हो या प्यार हर तबके में हमारी कुछ कमजोरियाँ होती है और कुछ खूबियां, लेकिन सफलता पर आत्ममुग्ध होना एक ऐसी खाई में कूदने के सामान है जहां मैल और ठोकर के सिवा कुछ नहीं है । यदि हम इसी घेरे में रहते है तो हम से बड़ा मुर्ख कोई नहीं । शायद सफलता की यही सबसे बड़ी कीमत है, जो हमें चुकानी होती है, इसलिए ताकत पहचानने के लिए असफलता जरुरी है ।

                                               Walter Benjamin / वाल्टर बेंजामिन


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