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साहित्य


Gender Sensitization vicharbindu

महिलाओं को सबसे अधिक शोषित महिला ही करती है । खेत बेच के बेटा को IIT की तैयारी के लिए भेज दो ! और बेटी “बी.ए.ड” कर ले तो बहुत है । एक बहु के लिए उसका ससुर सबसे अच्छा इंसान होता है लेकिन सास दुनियाँ की सबसे बेकार औरत आखिर क्यों ? ये हजारों …

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stress-in-students exams acam

मैं अभी कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल टायर- टू की परीक्षा से निकला ही था कि देखा कुछ परीक्षार्थी ग्रुप बनाकर मोबाइल में व्यग्रता से झांकते उसमें घुसे जा रहे थे। उनके चेहरे पर निराशाजनित आक्रमकता थी जो शनैः शनैः उनके क्रियाकलापों पर हावी होता जा रहा था।

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badarang hota basant2

बसंत के आगमन की पदचाप खोजते जब मैं प्रकृति की ओर उन्मुख हुआ तो कुछेक सरसों के फूल और गेंदें में मुझे बसंत सकुचाया सा मिला । फैलते कंक्रीट के जंगलों में कायदे से रखे गमलों तक पहुँचने में बसंत सहमा-सहमा ,घबराया सा लगा।

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Sridevi

श्री देवी जवानी के दिनों में मेरी क्रश रही थी। अपना पूरा बचपन और किशोरावस्था मधुबाला के सपने देखते बीता था। उन सपनों पर कब श्री देवी काबिज़ हो गई, कुछ पता ही नहीं चला। उनकी फिल्म ‘हिम्मतवाला’ मैंने ग्यारह बार देखी थी। उनके स्वप्निल सौंदर्य, उनकी बड़ी-बड़ी आंखों और उनकी चंचल मासूमियत का जादू …

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LNMU

इस आलेख में, हिंदी मैथिली के प्रखर युवा कवि विकास वत्सनाभ छात्र आन्दोलन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान और भविष्य के सामंजस्य का साधारण बोध करवाते हुए प्रतीत होते हैं । पढिये एक स्पष्ट चिंतन पर आधारित यह आलेख “एक नहीं अनेक लड़ाइयाँ समाहित हैं”

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Cambodia and Angkor

सोशलिज्म कितना खूनी हो सकता है ? पूंजीवाद कितना खूनी हो सकता है ? किसी देश के इतिहास का एक ऐसा कालखंड जब विभिन्न विचारधाराओं के एक के बाद एक इम्प्लीमेंटेशन ने  ३० लाख  (कुल आबादी का २१%) लोग मार दिए ।   कुछ आंकड़ों पर नज़र डालें।  कम्बोडिया को फ्रेंच उपनिवेशवाद से १९५३ में आजादी …

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avinash bharadwaj

दिल्ली एक प्यारा सा छत था, तो पटना में बालकनी । बस यही अंतर आया है मेरे जीवन में 1000 किलोमीटर की दूरियाँ बढने के बाबजूद । 

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Kanwar Lake Bird Sanctuary

क्षेत्र है बेगूसराय के मंझौल अनुमंडल में अवस्थित काबर झील का जो एशिया के सबसे बड़े मीठे पानी के झील में से एक माना जाता है.

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ashutosh jha

कई सदियां बीत गई शताब्दियां बीत गई सहस्त्राब्दियाँ बीत गई पर एक त्याग अथवा बलिदान जो मुख्य रूप से देखा गया और जिस की अवहेलना भी की गई वह है

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ganddi baat

अगर आप पढ़ने के शौकीन हैं तो आते जाते रास्ते में टाइमपास के लिए कभी कोई पत्रिका या नॉवेल जरूर पढ़ा होगा, मैंने भी बहुत बार ऐसा साहित्य पढ़ा है।

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