नया लेख

“डॉ० कलाम” हमारे राष्ट्र के वो प्रतिभा थे, जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति, आर्थिक सम्पन्नता एवं सुरक्षा की दृष्टी से राष्ट्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. भारत के राष्ट्रपति पद को सुशोभित कर चुके डॉ० कलाम को इनके योगदान के लिए सम्पूर्ण भारत में श्रद्धा और गौरव के साथ याद किया जाता रहेगा.

इस लेख में हम बात करेंगे “डेंगू” के विषय में जो की एक खास किस्म के मछर के काटने से होता है, इसका नाम है “एडिस एजिप्टी” यह एक छोटा काले रंग का मछर है,

यूग पुरुष “स्वामी विवेकानंद” 1893 में विश्व धर्मसंसद में भाग लेने शिकागो ( अमेरिका ) गए थे ! अभी धर्मसंसद में कुछ ही दिन शेष थे |

साहित्य

साहित्यिक गतिविधियाँ तथा पुस्तक चर्चा
Atal Bihari Vajpayee

अटल जी कहते थे, “मेरी कविता जंग का एलान है, यह पराजय की प्रस्तावना नहीं | वह हारे हुए सिपाही का नैराश्य-निनाद नहीं, जूझते यौद्धा का जय संकल्प है, वह निराशा का स्वर नहीं, आत्मविश्वास का जयघोष है |”

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sailing-boat

मैं नाव के अगले माईन पर बैठा था और मेरी नजरें जलकुंभी के फूलों पर टिकी थी जो धीरे-धीरे मेरे पास आती जा रही थी । करमी के फूलों की पृष्ठभूमि में उसकी खूबसूरती और बढ़ गई थी।

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आज का विचार

जो छोटी-छोटी बातों में सच को गंभीरता से नहीं लेता है, उस पर बड़े मसलों में भी भरोसा नहीं किया जा सकता.

— अल्बर्ट आइंस्टीन