नया लेख

क्या आप लिखने में Interested हैं ? अगर हाँ तो आप ब्लॉग या Website के जरिये पैसे कमा सकते हैं । यह एक ऐसा work है, जिसमें आप किसी के अंदर में रहकर नहीं बल्कि अपने “मन का job” करते हैं । जिसमें कोई समय सीमा नहीं होता आप स्वतंत्र होते हैं । 

इस  world में maximum लोग ऐसे हैं , जिन्हें उनका अपना काम पसंद नहीं हैं , मतलब वो लोग जो अपनी life survive करने के लिए जो भी काम करते हैं उनसे वो खुश नहीं हैं, इसका एक ही reason है की उन्हें अपने काम से प्यार नहीं है या लगाव नहीं है ।

विश्व मातृ दिवस विशेषांक में कवि, लेखक व पूर्व आईपीएस अधिकारी “ध्रुव गुप्त” जी का आलेख  “सुख की छाया तू दुख के जंगल में !”

साहित्य

साहित्यिक गतिविधियाँ तथा पुस्तक चर्चा
Atal Bihari Vajpayee

अटल जी कहते थे, “मेरी कविता जंग का एलान है, यह पराजय की प्रस्तावना नहीं | वह हारे हुए सिपाही का नैराश्य-निनाद नहीं, जूझते यौद्धा का जय संकल्प है, वह निराशा का स्वर नहीं, आत्मविश्वास का जयघोष है |”

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sailing-boat

मैं नाव के अगले माईन पर बैठा था और मेरी नजरें जलकुंभी के फूलों पर टिकी थी जो धीरे-धीरे मेरे पास आती जा रही थी । करमी के फूलों की पृष्ठभूमि में उसकी खूबसूरती और बढ़ गई थी।

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