parpose day

आज ‘प्रोपोज डे’ की धूम देखकर अपनी नाकाम जवानी पर अफ़सोस हुआ. हमारी पीढ़ी में अपने सपनों की मलिका के सामने प्रेम का प्रस्ताव रखने का साह्स कम ही होता था.

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image of khadi

“खादी” का अर्थ है कपास, रेशम या ऊन के हाथ कते सूत, भारत में खादी या खद्दर हाथ से बनने वाले वस्त्रों को कहते हैं. इसका सूत चरखे की सहायता से बनाया जाता है. भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में खादी का बहुत महत्व रहा. गांधीजी ने 1920 के दशक में गावों को आत्मनिर्भर बनाने के …

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mihir jha bali yatra

कुछ जगहें आपको वापस बुलाती हैं, एक बार फिर से जाने को दिल मचलता है. हमारी बाली यात्रा कुछ ऐसी ही थी. मेरी पत्नी के लिए तो यह पहली नज़र का प्यार था.

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gharelu-nuskhe

हमारे दैनिक जीवन में कुछ छोटी-छोटी ऐसी उक्तियाँ काम आ जाती हैं, जिससे हम बड़े खर्च से बच सकते हैं आईए पढ़ते हैं जड़ी-बूटी वाली काकी के घरेलू नुस्खे.

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कुछ प्रथाएं ऐसी हैं जो धर्म या परंपरा के नाम पर हज़ारो सालों से ज़ारी हैं, लेकिन जो वस्तुतः घोर अधार्मिक और अवैज्ञानिक हैं। बंद जलाशयों या तालाबों में मछलियों को आटा खिलाना उनमें सर्वाधिक प्रचलित प्रथा है। किसी भी धार्मिक स्थल पर तालाबों में ऐसा करते सैकड़ों लोग आपको मिल जाएंगे।

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rajanish-priyadarshi

सामाजिक सरोकार से जुड़े हुए प्रशिक्षित योग्य व्यक्ति अगर मुख्यधारा में नहीं आए तो फिर राजनीति जैसे पवित्र शब्द को लोग गाली समझते रहेंगे । और हमने मिथिला के सैकड़ों युवाओं को प्रशिक्षित किया है वो परिपक्व हो रहें है ।

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“आंधियों में भी दीये जलाने” की क्षमता उनमें थी

अटल जी अब नहीं रहे। मन नहीं मानता। अटल जी, मेरी आंखों के सामने हैं, स्थिर हैं। जो हाथ मेरी पीठ पर धौल जमाते थे, जो स्नेह से, मुस्कराते हुए मुझे अंकवार में भर लेते थे, वे स्थिर हैं। अटल जी की ये स्थिरता मुझे झकझोर रही है, अस्थिर कर रही है। एक जलन सी …

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Atal Bihari Vajpayee

अटल जी कहते थे, “मेरी कविता जंग का एलान है, यह पराजय की प्रस्तावना नहीं | वह हारे हुए सिपाही का नैराश्य-निनाद नहीं, जूझते यौद्धा का जय संकल्प है, वह निराशा का स्वर नहीं, आत्मविश्वास का जयघोष है |”

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atal-bihari-vajpayee

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एम्स में निधन हो गया । पूरे देश में शोक की लहर फैल गयी। लोग अपने-अपने तरीके से उन्हें याद कर रहे हैं। वाजपेयी जी को याद करने के कई कारण हैं। देश उन्हें केवल एक प्रधानमंत्री के रूप में ही नहीं बल्कि एक पत्रकार, कवि, ओजस्वी वक्ता, राजनीति …

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salni jha

एक नन्हीं सी जान जो इतनी नाजुक होती है, जैसे ओस की बूंदे इतनी खूबसूरत जैसे सर्दी की धूप । ईश्वर की वह रचना जिससे इस सृष्टि का सृजन होता है, वह बेटी होती है, पत्नी होती है, बहन होती है, मां होती है, और दोस्त भी । फिर उस बेटी, बहन, मां और दोस्त …

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