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समाज


कहानी वैशाली के महानारी आम्रपाली की, जिसे उसकी खूबसूरती ने बना दिया था नगरवधू| महानारी आम्रपाली के कारण ही हमारे शहर का नाम महनार रखा गया ।

historical content of shri krishn jugnu

जनवरी का महीना और साल था 1736 ईस्‍वी । देश के शासकों के एक मजबूत संगठन के ध्‍येय को लेकर पेशवा बाजीराव (प्रथम, 1700-1740 ई.) ने मेवाड़ की ओर भी रुख किया । तब यहां के महाराणा जगतसिंह (द्वितीय) थे ।

image of MDM

अभी पिछले दिनों एमडीएम के तहत विद्यालयों में नमक-रोटी परोसे जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद मैं बहुत आशान्वित था कि इस पूरे मामले पर व्यापक विमर्श होगा और एमडीएम की परत दर परत उधेड़े जाएंगे।

image of dhiraj kumar jha

अभी कल को मैंने एक फेसबुक पर एक पंजाबी गीत के बोल पोस्ट किया था. हमारे कई मित्रों ने अपने तरीके से अलग-अलग मतलब निकाले. कई लोगों को ये तक लगा कि मेरा ‘फिर से’ (…… ‘फिर से’) किसी के साथ चक्कर आरंभ हो गया. कुछ लोग तो इनबॉक्स तक पहुँच गए कि क्या कहाँ …

unscientific-work

कुछ प्रथाएं ऐसी हैं जो धर्म या परंपरा के नाम पर हज़ारो सालों से ज़ारी हैं, लेकिन जो वस्तुतः घोर अधार्मिक और अवैज्ञानिक हैं। बंद जलाशयों या तालाबों में मछलियों को आटा खिलाना उनमें सर्वाधिक प्रचलित प्रथा है। किसी भी धार्मिक स्थल पर तालाबों में ऐसा करते सैकड़ों लोग आपको मिल जाएंगे।

rajanish-priyadarshi

सामाजिक सरोकार से जुड़े हुए प्रशिक्षित योग्य व्यक्ति अगर मुख्यधारा में नहीं आए तो फिर राजनीति जैसे पवित्र शब्द को लोग गाली समझते रहेंगे । और हमने मिथिला के सैकड़ों युवाओं को प्रशिक्षित किया है वो परिपक्व हो रहें है ।

“आंधियों में भी दीये जलाने” की क्षमता उनमें थी

अटल जी अब नहीं रहे। मन नहीं मानता। अटल जी, मेरी आंखों के सामने हैं, स्थिर हैं। जो हाथ मेरी पीठ पर धौल जमाते थे, जो स्नेह से, मुस्कराते हुए मुझे अंकवार में भर लेते थे, वे स्थिर हैं। अटल जी की ये स्थिरता मुझे झकझोर रही है, अस्थिर कर रही है। एक जलन सी …

salni jha

एक नन्हीं सी जान जो इतनी नाजुक होती है, जैसे ओस की बूंदे इतनी खूबसूरत जैसे सर्दी की धूप । ईश्वर की वह रचना जिससे इस सृष्टि का सृजन होता है, वह बेटी होती है, पत्नी होती है, बहन होती है, मां होती है, और दोस्त भी । फिर उस बेटी, बहन, मां और दोस्त …

Are-we-really-free

प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त हम भारतीयों के लिए विशेष दिन होता है। तीन राष्ट्रीय त्योहारों में से एक स्वतंत्रता दिवस हमें जश्न मनाने का सुअवसर प्रदान करता है। हरेक वर्ष हम इस दिन गुलामी,संघर्ष,आंदोलन,शहीदों और आजादी को याद करते हैं। इन तमाम उत्सवों और हर्षोल्लासों के बीच एक प्रश्न बार-बार हमारे जेहन में उठता है- …

Kosi-Mithila-and-Governments vicharbindu

सन 2008 में जब कोशी कोसी में बाढ़ की वजह से मिथिला का एक बहुत बड़ा हिस्सा तबाह हुआ था उस समय मैंने कोशी पर एक ब्लॉग लिखा था कि कैसे स्वतंत्रता