हमें नव वर्ष पर संकल्प लेना चाहिए


happy new year

सर्वप्रथम विचार बिंदु के पाठकों को नववर्ष की मंगलमय शुभकामनाएं ! हम सभी समय के चक्र के साथ नववर्ष में प्रस्थान कर गए हैं. हमें नववर्ष के आगमन के इस पल में अपने विषय पर चिंतन करने की आवश्यकता है, हमें मानवीय मूल्यों के आधारभूत विषयों, अपने कर्तव्यों एवं अपने जीवनशैली से संबंधित विषयों पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है.

हमें यह संकल्प लेना चाहिए की अपने आचरण को सदेव मानवीय मूल्यों के अनुकूल बना कर रखें । मित्रों विवेकानंद का कहना था-  “संस्कारशीलता मनुष्य के वस्त्रों एवं आभूषणों से नहीं बल्कि उनके आचरण से प्रतिबिंबित होता है

हमें यह संकल्प लेना चाहिए की छोटे हो या बड़े सभी के साथ सम्मान की दृष्टि से पेश आयें । सभी को सकारात्मक भाव से देखें, लोगो के साथ अच्छा व्यवहार करें, परोपकर की भावना को बना कर रखें, अपनी गलतियों को स्वीकार करना सीखें एवं  क्रोध को अपने वश में रखना सीखें ।

हमें यह संकल्प लेना चाहिए अपने पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे ।

पारिवारिक कर्तव्य – हमें परिवार के सभी सदस्य से प्रेमपूर्वक व्यवहार करना चाहिए, घर की सफाई में मदद करना चाहिए, हमें अपना कुछ समय बच्चे के साथ बिताना चहिये, उसके शिक्षक-अभिवावक बैठक में भाग लेना चाहिए, महीने में कम से कम एक बार परिवार के साथ कहीं पर घुमने जाना चाहिए, अपने माता-पिता को वर्ष में एक बार कम से कम तीर्थयात्राओं के लिए ले जाना चाहिए इससे परिवार खुशहाल होता है, परिवार के सभी सदस्य में सकारात्मकता बनी रहती है, जिससे परिवार टूटने से बचता है ।

सामाजिक कर्तव्य – हमारे कुछ सामाजिक कर्तव्य भी है जिससे हमें विमुख नहीं होना चाहिए । हमें जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए, अगर आप आर्थिक रूप से सबल है तो निःशक्त लोगो का इलाज करवाएं, अपनी जानकारियां लोगों के साथ बाँटना चहिये, सामाजिक समस्याओं को सुलझाना चाहिए, सामाजिक कार्यो में यथासंभव भाग लेना चाहिए । इससे आप प्रसन्न रहेंगे और समाज में आपकी प्रतिस्ठा बढ़ेगी ।

राष्ट्रीय कर्तव्य – जो राष्ट्र हमें सुरक्षा, शिक्षा एवं नागरिको  के तमाम मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है, उसके प्रति हमारा कर्तव्य है । जिसे हमें निर्वहन करना चाहिए । हमें राष्ट्र के प्रति विरोधी गतिविधियों में भाग नहीं लेना चहिए । हमें राष्ट्रीय संपत्ति को नस्ट नहीं करना चाहिए । अपने राष्ट्रीय भाषा, सभ्यता, संस्कृति एवं संविधान का सम्मान करना चाहिए । साम्प्रदायिक सदभाव को बनाये रखना चाहिए ।

स्वास्थ्य – हमें अपने स्वस्थ पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है एवं इससे संबंधित कुछ संकल्प लेने की । हमें सुबह सवेरे उठने की आदत डालनी चाहिए, रोज सवेरे टहलने जाना चाहिए, प्रतिदिन योगा या व्यायाम करना चाहिए, सही स्थिति में बैठना चहिए , सिगरेट / शराब अथवा कोई नशीला प्रदार्थ पीने या खाने की आदत छोड़ना चाहिए । रोज कम से कम 7 घंटा सोना चाहिए, रोज समय से खाना खाना चाहिए, रोज कम से कम 8 गिलास पानी पीना चाहिए । लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का  प्रयोग करना चाहिए, आस-पास के कार्यो में पैदल या साईकिल का प्रयोग करना चाहिए ।

सुरक्षा –  मित्रों हमें हर-पल सतर्क रहने की आवश्यकता है, एक लोकोक्ति आपने सुना होगा की “सतर्कता गई दुर्घटना घटी” हमें इस विषय पर कुछ संकल्प लेने की आवश्यकता है । हमें  रोड को पार करते वक्त सतर्क रहना चाहिए, बिना हेलमेट के गाड़ी नहीं चलाना चाहिए, सिट बैल्ट बांध कर ही गारी चलाना चाहिए एवं यातायात के सभी नियमों का पालन करना चाहिए ।

अपने काम के प्रति ईमानदारी – मित्रों हम सभी जानते है की अगर दुनिया कोई सबसे अच्छी निति है, तो वो है “ईमानदारी”  अत: हम सभी को अपने कार्यो के प्रति सजग और ईमानदार होना चाहिए। तो आयें कुछ संकल्प लें । हमें अपने कार्य पर समय से जाना चाहिए, अपना काम खुद करना चाहिए,  कभी न ही घुस लेना है और न ही देना का भाव रखना चहिए, व्यर्थ के कार्यो में अपना समय नस्ट नहीं करना चाहिए । और अगर आप छात्र हैं, तो स्वस्थ प्रतियोगिता की भावना रखें ।

व्यक्तित्व विकास  – आज के समय में वयक्तित्व विकास बहूत जरूरी है । हमें सुसज्जित होकर अपने काम पर जाना चाहिए । हमें किसी वक्ति से मिलते वक्त मुस्कुराकर अविवादन करना चहिए, गर्म जोशी के साथ हाथ मिलाना चाहिए, नजरें मिला कर बात करनी चाहिए, किसी भी चीज को सकारात्मक भाव से देखन चाहिए एवं क्रोध नहीं करना चाहिए ।

कौशल विकास  – हमें अपने अन्दर कौशल विकसित करना चाहिए ।  हमें नए – नए चीजों को सिखने में अपनी रूचि को बढ़ाना चाहिए । खाना बनाना सीखना चाहिए, कोई नया वाद्यंत्र बजाना सीखना चाहिए, कुछ नया जेसे गाड़ी चलाना सीखना चहिए, कोई नई भाषा सीखनी चहिए, टाइपिंग सीखना चहिए,  तैराकी इत्यादि ।

कुछ आवश्यक कार्य – हमें अपने जीवन में कुछ काम तो आवश्य करना चाहिए । जेसे प्रतिदिन अपना डायरी लिखें, कम से कम छह माह पर अपने एवं परिवार के सभी सदस्य का स्वस्थ जाँच आवश्य करवायेँ, पेसे बचत करना सीखें । अपना वसीहत बनवाना तो बिलकुल भी न भूलें । लाइफ इंसोरेंस आवश्य करवाएं इत्यादि ।

पर्यावरण प्रेम – मित्रों आज हमें पर्यावरण से प्रेम करने की आवश्यकता है । प्रकृती जो हमारा सबसे अमूल्य वस्तु हमारा “जीवन” उसका रक्षक है , आज हमें इसकी रक्षा करने की आवश्यकता है । हमें यह यह संकल्प लेना होगा की माह में एक पौधा आवश्य लगायें और लगवाएं, सप्ताह में तीन दिन पौधों में पानी आवश्य डालें एवं पशु-पक्षी से प्रेम करना सीखें ।

Previous आंवला के अनेकों फ़ायदे
Next जीवन का सदुपयोग ; महर्षि  रमण

1 Comment

  1. Deepak Gupta
    January 3, 2016
    Reply

    Always have a crush. On a person or a place, a goal, a car, a lifestyle or anything.
    It just helps you live better and work harder.

Leave a reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *